देश का सबसे बड़ा सूबा एक बार फिर बदलाव की करवट ले रहा है। इस बार कसमसाहट विकास के लिए हैं। बीते एक पखवाड़े में उत्तर प्रदेश ने दिखा दिया कि वो पिछड़ेपन के दाग धोने को किस हद तक बेताब है। सियासत को सत्ता के सिंहासन पर बैठाने के बदले जनता विकास के अपने अधिकार पर जवाबदेही मांग रही है। एक पखवाड़े तक चले 'दैनिक जागरण' के ‘चलो आज कल बनाते हैं’ अभियान के कैनवास पर जनता ने जिन उमंगों व उम्मीदों के साथ तस्वीर खींची है, नीति निर्धारकों ने जो उत्साह दिखाया है उससे लगता है कि सुनहरे कल की पौ फटने को है। इसी के तहत शनिवार को लखनऊ में जागरण फोरम कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसका उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया। फोरम में यूपी के सीएम अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, बीजेपी नेता अरुण जेटली, जागरण समूह के सीएमडी महेंद्र मोहन गुप्त और जागरण समूह के सीईओ व संपादक संजय गुप्त ने अपने विचार व्यक्त किए।
1 . कानपुर – 30 सितम्बर
2. मेरठ – 1 अक्टूबर
3. वाराणसी – 3 अक्टूबर
4. फैजाबाद – 4 अक्टूबर (मिनी फोरम )
5. बरेली – 5 अक्टूबर
6. गोरखपुर - 6 अक्टूबर
7. आगरा – 7 अक्टूबर
8. लखनऊ-13 अक्टूबर